Wednesday, December 19, 2018

अपने एटीएम 31 दिसंबर से पहले बदलवा ले

1 जनवरी से एटीएम में नहीं चलेंगे पुराने कार्ड
आपके पास पुराना मैग्नेटिक एटीएम कार्ड है तो 31 दिसंबर तक बदलवा लें वरना बाद में होंगे परेशान

यदि आपके पास पुराना एटीएम कार्ड है तो 31 दिसंबर तक बदलवा लें। 31 दिसंबर के बाद पुराना एटीएम कार्ड मशीनें स्वीकार नहीं करेंगी। बैंक चिप वाले कार्ड जारी कर रही हैं। नए साल से एटीएम में यही कार्ड चलेंगे।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राहकों को बाकायदा सूचना दे रहा है। बैंक ग्राहकों को सूचना में बता रहा है कि बैंक की तरफ से पुराने डेबिट कार्ड बंद किए जा रहे हैं। बैंक के जिन ग्राहकों के पास मैग्नेटिक डेबिट कार्ड है। इन्हें बदल कर नए चिप वाले ईएमवी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। वैसे तो बैंकें खुद नए कार्ड जारी कर रही हैं। ग्राहकों को भी सूचना दे रही है कि यदि उनके पास कार्ड नहीं पहुंचा तो 31 दिसंबर तक कार्ड बदलवा लें। रिजर्व बैंक ने 2016 में सभी बैंकों को ग्राहकों के साधारण मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड को चिप वाले कार्ड जारी करने के आदेश दिए थे। बैंक अब सिर्फ चिप वाले एटीएम कार्ड और डेबिट कार्ड जारी कर रही है।

चिप वाला कार्ड ज्यादा सुरक्षित है इसलिए बैंक ने लिया फैसला
पुराने एटीएम और डेबिट कार्ड के पीछे की तरफ एक काली पट्टी नजर आती है। यही काली पट्टी मैग्नेटिक स्ट्रिप है जिसमें आपके खाते की पूरी जानकारी दर्ज होती है। एटीएम में इसे डालने के बाद पिन नंबर डालते ही आप अपने खाते से पैसे निकाल पाते हैं। मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड से ट्रांजेक्शन के लिए 4 अंक के पासवर्ड की जरूरत होती है। इसमें अकांउट की जानकारी मौजूद होती है। इसी स्ट्रिप की मदद से कार्ड स्वाइप के वक्त मशीन आपके बैंक इंटरफेस से जुड़ती हैं और प्रोसेस आगे बढ़ती है। अब बैंक जो चिप वाले कार्ड जारी कर रही है उसमें सारा ब्योरा चिप में मौजूद है। इनमें भी ट्रांजेक्शन के लिए पिन (पासवर्ड) और हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। ईएमवी चिप कार्ड में ट्रांजेक्शन के वक्तप यूजर को ऑथेंटिकेशन करने के लिए एक यूनीक ट्रांजेक्शन कोड जनरेट होता है जो वेरिफिकेशन को सपोर्ट करता है। ऐसा मैग्नेटिक स्ट्रिप कार्ड में नहीं होता। चिप वाले कार्ड ज्यादा सुरिक्षित हैं। इसमें डाटा चोरी की आशंका नहीं है। चिप वाले कार्ड में हर ट्रांजेक्शन के लिए एक इनक्रिप्टेड कोड जारी होता है। इस में सेंध लगाना बहुत मुश्किल है।

एटीएम कार्ड को चेंज करने में नहीं लगेगी कोई फीस
नए एटीएम कार्ड के लिए आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। बैंक की ब्रांच में जाकर अप्लाई करने का विकल्प है। बैंक ने फरवरी 2017 से पुराने कार्ड बंद कर दिए हैं। 31 दिसंबर 2018 से इन्हें पूरी तरह बंद किया जा रहा है। वैसे तो जो भी पुराने कार्ड है उसकी जगह बैंकें नए कार्ड जारी कर रही हैं। बैंक चिप वाले कार्ड के लिए कोई अलग से चार्ज नहीं ले रही हैं। इसे फ्री ऑफ कॉस्ट रखा है। जिस एटीएम कार्ड में चिप नहीं लगी है वो पुराने एटीएम कार्ड हैं जो नए साल से नहीं चलेंगे।

Thursday, December 13, 2018

Raebareli munshi ganj hatyakand रायबरेली का दूसरा जलियांवाला बाग हत्याकांड

किसान-सभा का जन्म

अवध के किसानों की भावनाओं का परिचय कुछ तथाकथित किसान नेताओं को मिल चुका था। वे इसे संगठनात्मक रूप देने के लिए आगे बढ़े। ‘अवध किसान सभा’ नामक एक संस्था की भी स्थापना की। इस किसान सभा की नियमावली बनायी गई थी। अवध के किसान-आंदोलन के साथ भारतीय इतिहासकारों ने न्याय नहीं किया है। यदि पं. जवाहरलाल नेहरू इसका उल्लेख ‘मेरी कहानी’ में न करते, तो आज इस आंदोलन का कोई नाम भी न लेता। सन १८५७ के प्रथम स्वाधीनता-संग्राम में अवध के किसानों ने खुलकर फिरंगी सेना का सामना किया था। बाद में सरकार और किसानों के मध्य तालुकेदारों की कड़ी थी। दोनों मिलकर किसानों को दबाने लगे। तालुकेदारों की नीति का पालन उनके अहलकार-मैनेजर, मुख्तार, जिलेदार तथा सिपाही करते थे। वे लगान वसूल करते थे। तालुकेदार अपनी विलासिता तथा उपभोग की वस्तुएँ खरीदने के लिए भी चंदा लगाया करते थे। जैसे हाथी खरीदने के लिए- ‘हाथीवान टैक्स लगता था।

कुछ प्रामाणिक तथ्य

यह थी, अवध और रायबरेली जिले कि किसानों की दुर्दशा। जिले के वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता मुंशी सत्यनारायण श्रीवास्तव ने लिखा है- ‘‘बेदखली की तलवार यहाँ के किसानों की गर्दन पर हर वक्त लटकती रहती थी। अवध का किसान तालुकेदारों के जुल्मों से आजिज आ गया था। रायबरेली जिले में जगह-जगह किसानों ने तालुकेदारों के विरुद्ध विद्रोह कर दिया था। बदमाशों को मौका मिला और किसानों को गुमराह कराकर फुरसतगंज, करहिया बाजार आदि स्थानों पर लूट करा दी।’’

सन १९२०-२१ के ऐतिहासिक किसान-आंदोलन का उल्लेख करते हुए पं. अंजनीकुमार ने लिखा है- ‘‘इस आंदोलन का आरंभ क्यों और कैसे हुआ, इसको बताने के लिए यह आवश्यक है कि पहले यह बता दिया जाए कि सन १९२० व उसके पहले यहाँ के किसानों की स्थिति व दशा कैसी थी। तालुकेदारी प्रथा थी। तालुकेदार अपने को राजा कहते थे।’’

अवध के किसान आंदोलन का पहला धमाका प्रतापगढ़ में हुआ। दो सौ किसानों के एक जत्थे ने इलाहाबाद जाकर नेहरूजी से भेंट की, फलतः वे स्वयं प्रतापगढ़ गये और उन्होंने किसानों को समझाया-बुझाया। उनके लौटते ही ब्रिटिश सरकार का दमन-चक्र पुनः शुरू हो गया। बड़े पैमाने पर किसानों की गिरफ्तारी की गयी। फलतः किसानों में उत्तेजना बढ़ी और एक दिन उन्होंने जिला कारागार पर आक्रमण कर दिया। फलतः सरकार को बंदियों को छोड़ना पड़ा। अब वे रायबरेली की ओर बढ़े। दिनांक चार जनवरी को रुस्तमपुर बाजार में किसानों की एक सभा होने वाली थी। उस दिन सभा प्रारंभ भी नहीं होने पायी थी कि बाजार लूटने की अफवाह फैल गयी। कहा जाता है, भीड़ से कुछ गुंडों ने बाजार में हल्ला बोल दिया। इसी दिन डीह के बाजार को भी लूटे जाने का समाचार फैल गया। अगले दिन नसीहाबाद का बाजार लूटे जाने की भी अफवाह फैली। फलतः किसानों पर तालुकेदारों के गुंडों और ब्रिटिश हुकूमत के अत्याचार पहले से ज्यादा बढ़ गये।

चंदनिहा-कांड

डलमऊ तहसील में चंदनिहा नामक एक छोटी-सी तालुकेदारी रियासत थी। यहाँ के तालुकेदार एक ठाकुर थे। ‘अच्छी जान’ नाम की एक वेश्या उनकी रखैल थी। वास्तव में रियासत की वही शासिका थी। अच्छी जान के कार्यकलापों से क्षेत्रीय किसान पहले से ही क्षुब्ध थे। उसी समय, जब कि किसानों की उत्तेजना विस्फोट का रूप धारण करने वाली थी, उसकी एक हरकत ने आग में घी का काम किया। दूसरे शब्दों में मुंशीगंज गोलीकांड की पृष्ठभूमि में यदि गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए तो दो चेहरे सामने आते हैं- अच्छी जान और सरदार वीरपाल सिंह! अच्छी जान ने, कहा जाता है कि, एक किसान निहाल सिंह रामप्रताप सिंह की फसल को नष्ट करवा दिया। हो सकता है, यह कांड तालुकेदार के इशारे पर अथवा स्वेच्छा से उनके कारिदों ने किया हो, किंतु बदनाम अच्छी जान के शीश पर ही यह कलंक मढ़ा गया। इस फसल के नष्ट होते ही किसानों का ज्वालामुखी आग-लावा उगलने लगे।

कोठी का घेराव

बाबा जानकीदास, पं. अमोल शर्मा, मुंशी कालिकाप्रसाद आदि किसान नेताओं के नेतृत्व में तीन हजार से अधिक किसानों का हुजूम चंदनिहा पहुँचा। उसने चारों ओर से तालुकेदार साहब की कोठी घेर ली। वायुमंडल ‘गांधी जी की जय’ , ‘बाबा रामचन्द्र की जय’ , ‘पं. जवाहरलाल की जय’ के साथ-साथ ‘सीता-राम’ के रणघोष से काँप-काँप उठता था। हजारों किसानों का उत्तेजित जनसमूह नारे लगा रहा था। अपनी मांगों की पूर्ति के लिए आवाज उठा रहा था। ठीक उसी समय जिला मजिस्ट्रेट श्री ए. जी. शेरिफ तालुकेदार के निवेदन पर पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुँच गये। ठा. चन्द्रपाल सिंह तथा अमोल शर्मा को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसी समय यह अफवाह फैल गयी कि रायबरेली में तीनों नेताओं की हत्या कर दी गयी है।

इसी समय एक और ‘धमाका’ हो गया। वह था फुरसतगंज गोलीकांड। इस गोलीकांड ने रही-सही जो भी कसर थी, उसे पूरा कर दिया: ५ जनवरी को चंदनिहा कांड हुआ था। ६ जनवरी को किसान-नेताओं की हत्या की अफवाह प्रचारित हुई। ठीक उसी तिथि को फुरसतगंज में गोलीकांड भी हो गया, जिसमें लगभग तीन हजार किसान की भीड़ पर निर्दयतापूर्वक गोली वर्षा की गयी। इसी परिस्थिति ने सात जनवरी को मुंशीगंज का ऐतिहासिक गोलीकांड करा दिया।

मुंशीगंज गोलीकांड की परिस्थितियाँ, स्थान और वातावरण की विभीषिका ठीक जलियाँवाला कांड-जैसी थी। रायबरेली के मुंशीगंज गोलीकांड स्थल की रचना भी कुछ ऐसी ही थी। एक ओर सई नदी की धारा थी। पुल पर बैलगाड़ियाँ इकट्ठी करके रास्ता रोक दिया गया था। पुल के इस पार सशस्त्र सेना खड़ी थी। नदी के पुल के उस पार जहाँ किसानों का अपार जन-समुद्र लहरा रहा था, एक ओर रेलवे लाइन थी, लाइन इतनी ऊँचाई पर थी कि वह दीवार का काम कर रही थी। लाइन के नीचे तार के खंभे थे। पीछे की ओर बाग, सरपत पुंज और रेलवे फाटक था। सड़क और रेल की पटरी के मध्य त्रिकोणात्मक स्थान किसानों का जमाव-स्थल था, जिनके भागने का कहीं भी रास्ता न था। इस भीड़ को शांत करने के लिए बाबू किस्मत राय उसी प्रकार भाषण दे रहे थे जैसे जलियाँवाला बाग में हंसराज। यह स्थान रायबरेली शहर से लगभग दो मील की दूरी पर था। ऐसी थी मुंशीगंज गोलीकांड स्थल की रचना।

किसानों का जमाव

जिले के किसान नेताओं ने एक दिन पूर्व ही स्थिति की गंभीरता देखकर पं. जवाहरलाल नेहरू को तार कर दिया था। अधिकारियों ने रातोंरात सेना बुला ली। किसानों का समूह नदी पार न करने पाये, इसके लिए उन्होंने पुल पर बैलगाड़ियाँ खड़ी करके, मार्ग अवरुद्ध कर दिया था। पुल के इस पार सशस्त्र सेना थी। किसानों की भीड़ जेलखाने तक जाकर अपने नेताओं को देखना चाहती थी। ९ बजते-बजते सई नदी की रेती में अपार जनसमुद्र हिलोरें लेने लगा। जनरव एवं जयघोषों से आकाश गूँज उठा। एक ओर किसानों का अपार जन-समूह दूसरी ओर सशस्त्र सेना।

खुरेहटी के तालुकेदार सरदार वीरपाल सिंह एम. एल. सी. ने इस कांड के ‘हीरो’ का रोल अदा किया। उन्हें भय था कि किसानों का आक्रमण जिला कारागार के अतिरिक्त उनकी कोठी पर भी हो सकता है। तालुकेदारी के मद में चूर, एम. एल. सी. का पोर्टफोलियो साफे में लपेटे सरदार वीरपाल सिंह लगभग १० बजे जिलाधिकारी मि. ए. जी. शेरिफ के पास पहुँचे। मि. शेरिफ के संबंध में कहा जाता है कि वे बड़े ही शिष्ट, विद्वान तथा विनम्र व्यक्ति थे। वे अंग्रेजी के साथ-साथ संस्कृत के भी विद्वान थे।

श्री शेरिफ के अनुसार, उस वक्त वहाँ सात हजार से दस हजार तक की भीड़ थी। स्त्रियों को छोड़ सबके हाथों में लाठियाँ थीं। यह भीड़ बड़ी मुश्किल से पीछे हट रही थी। भीड़ को दो सौ गज पीछे हटाने में लगभग एक घंटा लगा। इसी बीच भीड़ छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट गयी। तभी किसी ने गोली चला दी। इसके बाद तो किसानों पर अंधाधुंध गोली वर्षा हुई। सई नदी की रेत लहूलुहान हो गयी। नदी का पानी लाल हो गया। रातों रात लाशें फौजी ट्रकों में भरकर डलमऊ भेज दी गयीं। रात में इधर-उधर खोजने पर जो लाशें मिली उन्हें सामूहिक रूप से रेत में गाड़ दिया गया। कुछ असमर्थ घायलों को अस्पताल भेज दिया गया। लोगों का अनुमान है कि पहली गोली सरदार वीरपाल सिंह ने चलायी थी।

जिस समय यह गोलीकांड हो रहा था, उस समय पं. नेहरू नदी के दूसरे पार पहुँच चुके थे। वे पुल पार कर गोलीकांड वाले स्थान पर जाना चाहते थे, लेकिन एक अंग्रेज अफसर ने उन्हें उस पार जाने नहीं दिया। बाद में पं. नेहरू ने ‘दैनिक इंडिपेंडेंट’ के १३ जनवरी १९२१ के अंक में इस घटना पर दो किश्तों में एक लेख भी लिखा। अपनी आत्मकथा में भी उन्होंने मुंशीगंज गोलीकांड का उल्लेख किया है।


Sunday, July 29, 2018

सुब्रत राय समेत 10 के खिलाफ मुकदमा दर्ज, निवेशकों का पैसा नहीं लौटाने से परेशान एजेंट ने की थी आत्महत्या

सहारा इंडिया के डायरेक्टर सुब्रत राय और कंपनी के कर्मचारियों समेत 10 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बाराबंकी के रामनगर थाने में दर्ज किया गया है। शनिवार को यह एफआईआर कंपनी के ही एक एजेंट संदीप मौर्या के सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज की गई है।
बराबंकी के एसपी वीपी श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि आरोपियों के खिलाफ सहारा इंडिया के एजेंट रहे संदीप मौर्या की मां कृष्णावती ने मुकदमा दर्ज कराया है। बाराबंकी के रहने वाले संदीप (25 वर्ष) ने 26 जुलाई को फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी। संदीप सहारा इंडिया में एजेंट थे।। संदीप सहारा इंडिया फाइनेंस कंपनी की ओर से निवेशकों का पैसा वापस न मिलने और इस पर निवेशकों के कथित उत्पीड़न से परेशान था।

स्ंदीप की मां कृष्णावती ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि कंपनी निवेशकों को अवधि पूरी होने के बाद भी पैसा वापस नहीं कर रही थी। संदीप ने इस सिलसिले में कई बार कंपनी के ब्रांच मैनेजर, रीजनल मैनेजर समेत संबंधित अधिकारियों से मुलाकात की और मामले की जानकारी दी लेकिन निवेशकों के पैसों का कंपनी ने भुगतान नहीं किया। इसके बाद निवेशकों ने संदीप को कई बार मारापीटा और अपमानित किया। इसी से परेशान होकर संदीप ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले वह सुसाइड नोट लिख गया था। इसमे कंपनी के डायरेक्टर सुब्रत राय, ओपी श्रीवास्तव, अभिजीत सरकार और एरिया मैनेजर प्रदीप श्रीवास्तव का नाम लिया गया है। इसी के आधार पर पुलिस ने कंपनी के निदेशकों समेत 10 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया।

Tuesday, July 10, 2018

सुबह की ताजा खबर

लखनऊ: शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को धमकी, वसीम रिजवी को जान से मारने की धमकी, आतंकी संगठन जमात-ए-सलामी ने दी धमकी, 7 जुलाई को मेल भेजकर हत्या की धमकी दी, तमिलनाडु के दौरे से लौटने पर हुई जानकारी, वसीम रिजवी ने SSP को मामले की जानकारी दी, SSP के निर्देश पर हज़रतगंज कोतवाली में केस दर्ज, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से भी मिली थी धमकी, पहले भी वसीम रिजवी ने मामला कराया था दर्ज, मामले में दाऊद के 5 गुर्गे हुए थे गिरफ्तार।

➡ लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ का आज का कार्यक्रम, जन समुदाय जागरूकता रैली का करेंगे शुभारंभ, विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर कार्यक्रम, सुहब 8.30 बजे 5 कालिदास पर होगा कार्यक्रम, दोपहर 2 बजे पीएम के कार्यक्रम के संबंध में बैठक, स्थलीय निरीक्षण के बाद डीएम के साथ बैठक, पीएम के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक, मिर्जापुर,सोनभद्र,भदोही के डीएम के साथ बैठक।

➡ कानपुर: नया गंज में आयकर विभाग टीम का छापा, कोलकाता की आयकर विभाग टीम का छापा, कानपुर की टीम के साथ की संयुक्त छापेमारी, छापेमारी के दौरान मनोज खंडेलवाल फरार, रमेश खंडेलवाल से टीम ने की पूछताछ, कोलकाता में पारस पान-मसाले के नाम से है ब्रांड, आयकर टीम के साथ भारी पुलिस बल तैनात, कलेक्ट्रर गंज के नया गंज में मारा छापा।

➡ आगरा: पत्नी से दुष्कर्म से लज्जित पति ने दी जान, सिपाही पर पत्नी से दुष्कर्म का आरोप, पुलिसलाइन में तैनात सिपाही पर आरोप, मृतक ने सिपाही की कई बार शिकायत की थी, अधिकारियों से कई बार शिकायत की थी, शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर दी जान।

➡ कन्नौज: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा, भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत, श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो कंटेनर से टकराई, बोलेरो सवार 8 लोगों की मौके पर मौत, हादसे में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत, 3 लोगों की हालत घायल, मेडिकल कॉलेज रेफर, हादसे में मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, तिर्वा कोतवाली के बनपुरा गांव की घटना।

➡ वाराणसी: पीएम के 2 दिवसीय पूर्वांचल दौरे का प्रोटोकॉल, 14 जुलाई को 1.30 बजे पीएम पहुचेंगे आजमगढ़, 4.30 बजे आजमगढ़ से वाराणसी के कचनार होंगे रवाना, 7 बजे डीरेका में प्रबुद्ध लोगों से संवाद करेंगे पीएम, 15 जुलाई को पार्टी कार्यकर्ताओं से करेंगे मुलाकात, 9.30 बजे मिर्जापुर के लिए रवाना होंगे पीएम।

Thursday, June 28, 2018

विश्लेषण

सोशल मीडिया की पोस्ट और ईमेल तक पर नजर रखेगी मोदी सरकार!

मोदी सरकार को एक ऐसी कंपनी की तलाश है जो सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही सामग्री पर नजर रखे, उसका विश्लेषण करे, साथ ही केंद्र सरकार की मदद से देश में राष्ट्रीयता की भावना का विस्तार करने और देश विरोधी दुष्प्रचार को रोकने में मदद करे.

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ऑनलाइन टेंडर जारी कर ऐसी कंपनी से आवेदन मांगा है. कंपनी ऐसी जो सोशल मीडिया की निगरानी के लिए एक सॉफ्टवेयर समेत कम से कम 20 लोगों की विशेष टीम के साथ सरकार को एक रियल टाइम न्यू मीडिया कमांड रूम की सुविधा दे सके.

मंत्रालय के विज्ञापन के मुताबिक उक्त कंपनी को ट्विटर, यू-ट्यूब, लिंक्डइन समेत तमाम इंटरनेट फोरम और ईमेल की मॉनिटरिंग करते हुए इन प्लेटफॉर्म्स पर संवेदनशील पोस्ट्स की पहचान करनी है. इसके साथ ही कंपनी को फेक न्यूज की पहचान करते हुए केन्द्र सरकार के नाम से पोस्ट्स और मैसेज का संचार करना है. केन्द्र सरकार का दावा है कि वह संवेदनशील और फेक कंटेन्ट को रोकने के साथ-साथ ऐसे पोस्ट का संचार करवाएगी जिससे देश की अच्छी छवि बनाने में मदद मिले.

इसे पढ़ें: ..सामान्य मॉनसून 2019 चुनाव से पहले ऐसे खत्म कर देगा मोदी की मुश्किलें

गौरतलब है कि बीते 4 साल के दौरान मोदी सरकार के कार्यकाल में पीएमओ समेत सरकार के सभी मंत्रालय और कैबिनेट मंत्री सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं. सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए ज्यादातर मंत्री अपनी नई नीतियों का प्रचार करने और नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश करते हैं. अब केंद्र सरकार एक कदम आगे जाना चाहती है.

केंद्र की ओर से जारी इस नई निविदा से साफ जाहिर है कि मोदी सरकार अब देश की अच्छी छवि के निर्माण के लिए एक ताकतवर सॉफ्टवेयर के साथ-साथ एक मजबूत पेशेवरों की टीम का इस्तेमाल करने जा रही है. केंद्र सरकार की दलील है कि 2019 में आम चुनाव और उससे पहले कुछ अहम राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले केन्द्र सरकार देश में राष्ट्रीयता की भावना का संचार करते हुए देश की सकारात्मक छवि का प्रचार करना चाहती है.

इसे पढ़ें: फेल हो गई मोदी सरकार की मुद्रा योजना, 14 हजार करोड़ के पार पहुंचा NPA?

ब्लूमबर्ग को ऑक्सफोर्ड यूनीवर्सिटी की प्रोफेसर निकिता सूद ने बताया कि मोदी सरकार की इस पहल से साफ है कि उसे एक मास सर्वेलेंस टूल की आवश्यकता है. सूद का कहना है कि मौजूदा समय में राष्ट्रीयता को सरकार अथवा सत्तारूढ़ राजनीतिक दल की नीतियों से सहमति के तौर पर देखा जा रहा है. सूद ने दावा किया कि इस कदम से देश में लोकतंत्र के सामने कड़ी चुनौती है और देश में भारतीय संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों के हनन की संभावना है.

अमेरिकी यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर की इस आपत्ति पर प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता से किसी तरह की सफाई नहीं दी गई है. ब्लूमबर्ग की तरफ से मोदी सरकार के संवाद की कोशिशों का फिलहाल कोई नतीजा नहीं निकला है. वहीं इस निविदा पर उठे सवालों पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भी चुप्पी साध रखी है.

Friday, June 15, 2018

सुबह की बड़ी खबर

बड़ी ख़बरें...................

➡लखनऊ- थाने पर 3 अतिरिक्त इंस्पेक्टरों की तैनाती, 14 सर्किल मुख्यालय वाले थानों पर तैनाती, DGP ओपी सिंह के आदेश पर अमल प्रारम्भ, SSP ने 42 इंस्पेक्टरों को दी गई तैनाती, संतोष कुमार,राज कुमार,विश्वजीत हजरतगंज में तैनात, उमाकांत,यशकांत,शुनील दुबे आलमबाग भेजे गए, नीलम राना,विद्याशंकर,बलबीर सिंह थाना कृष्णानगर, अशोक कुमार,बृजेश सिंह,राजेश द्विवेदी थाना कैसरबाग, रामकुमार यादव,अतुल तिवारी,राजकेश्वर चौक भेजे गए, नुरुल हुदा,देवनाथ,मनोज सिंह थाना बाजारखाला, बद्री प्रसाद,दीपेंद्र सिंह,अखिलेश यादव थाना महानगर, राजकुमार,नन्द किशोर,कुलदीप सिंह सेंगर थाना अलीगंज, राजदेश मिश्रा,नितिश कुमार,राकेश सिंह थाना गाजीपुर।

➡लखनऊ- सीएम योगी 21 जून को लेकर दिए निर्देश, तैयारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, व्यापक आयोजन की समय रहते हो तैयारी, अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जनपदों में हो कार्यक्रम, मुख्यालयों, तहसीलों, ब्लाकों पर हो कार्यक्रम, नगर निकायों में कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं, जिलास्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश, स्टेडियम, पार्क, खेल का मैदान का चयन किया जाए, प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों को आमंत्रित किया जाए।

➡लखनऊ- प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय का कार्यक्रम, सम्पर्क फॉर समर्थन के तहत लोगों से मुलाकात, वाराणसी में विशिष्ट जनों से करेंगे मुलाकात, सुबह 10 बजे पलहीपट्टी में कॉलेज का निरीक्षण, पं. दीन दयाल उपाध्याय डिग्री कॉलेज का निरीक्षण, 11 बजे अजगरा, शिवपुर में कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, 2.30 से सायं 7 बजे तक विशेष सम्पर्क अभियान, विशिष्ट जनों को सरकार की पुस्तिका भेंट करेंगे, 4 वर्ष की उपलब्धियों की संकलन पुस्तिका भेंट करेंगे।

➡कानपुर- भ्रष्टाचार में डूबे CMO अशोक शुक्ल का कारनामा, डॉ अनुज दीक्षित को शिवराजपुर CHC बनाया, वित्तीय घोटाले के आरोप से हुए थे चर्चित, डॉ अनुज के खिलाफ चल रही हैं भ्रष्टाचार की जांच, CMO ने घूस लेकर डॉक्टर अनुज को दी तैनाती, CHC से प्रतिमाह 5 लाख घूस लेता है सीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेप्रोस्कोपी हुआ चोरी, असहाय, बुजुर्ग लोगों का नहीं होता इलाज, फर्जी डिलीवरी, नसबंदी कराने में डॉ अनुज माहिर।

➡मेरठ- अधिकारी ने जहर खाकर की आत्महत्या, डीईओ के पद पर तैनात था आधिकारी, होटल के कमरे में अधिकारी ने खाया जहर, साथ की युवती शादी का बना रही थी दबाव, 5 पेज के सुसाइड नोट में लिखी अपनी पीड़ा, दिल्ली पश्चिमी डीएम के पास तैनात था डीईओ
सदर बाजार थाने के करनैल होटल का मामला।

➡गोरखपुर- ब्रह्मभोज कार्यक्रम में 2 पक्षों में मारपीट, सूचना पर पहुंची पुलिस सभी को लाई नौसढ़ चौकी, सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष पहुंचे चौकी, हाथ में लाठी-डंडों को लेकर पहुंचे चौकी, पुलिस पर लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप ,नाराज ग्रामीणों ने चौकी पर किया हंगामा, कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, एसपी सिटी, साउथ ने ग्रामीणों को शांत कराया, बेलीपार के बरईटोला में चल रहा था ब्रह्मभोज।

सुबह की बड़ी खबर

बड़ी ख़बरें...................

➡लखनऊ- थाने पर 3 अतिरिक्त इंस्पेक्टरों की तैनाती, 14 सर्किल मुख्यालय वाले थानों पर तैनाती, DGP ओपी सिंह के आदेश पर अमल प्रारम्भ, SSP ने 42 इंस्पेक्टरों को दी गई तैनाती, संतोष कुमार,राज कुमार,विश्वजीत हजरतगंज में तैनात, उमाकांत,यशकांत,शुनील दुबे आलमबाग भेजे गए, नीलम राना,विद्याशंकर,बलबीर सिंह थाना कृष्णानगर, अशोक कुमार,बृजेश सिंह,राजेश द्विवेदी थाना कैसरबाग, रामकुमार यादव,अतुल तिवारी,राजकेश्वर चौक भेजे गए, नुरुल हुदा,देवनाथ,मनोज सिंह थाना बाजारखाला, बद्री प्रसाद,दीपेंद्र सिंह,अखिलेश यादव थाना महानगर, राजकुमार,नन्द किशोर,कुलदीप सिंह सेंगर थाना अलीगंज, राजदेश मिश्रा,नितिश कुमार,राकेश सिंह थाना गाजीपुर।

➡लखनऊ- सीएम योगी 21 जून को लेकर दिए निर्देश, तैयारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, व्यापक आयोजन की समय रहते हो तैयारी, अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जनपदों में हो कार्यक्रम, मुख्यालयों, तहसीलों, ब्लाकों पर हो कार्यक्रम, नगर निकायों में कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं, जिलास्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश, स्टेडियम, पार्क, खेल का मैदान का चयन किया जाए, प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों को आमंत्रित किया जाए।

➡लखनऊ- प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय का कार्यक्रम, सम्पर्क फॉर समर्थन के तहत लोगों से मुलाकात, वाराणसी में विशिष्ट जनों से करेंगे मुलाकात, सुबह 10 बजे पलहीपट्टी में कॉलेज का निरीक्षण, पं. दीन दयाल उपाध्याय डिग्री कॉलेज का निरीक्षण, 11 बजे अजगरा, शिवपुर में कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, 2.30 से सायं 7 बजे तक विशेष सम्पर्क अभियान, विशिष्ट जनों को सरकार की पुस्तिका भेंट करेंगे, 4 वर्ष की उपलब्धियों की संकलन पुस्तिका भेंट करेंगे।

➡कानपुर- भ्रष्टाचार में डूबे CMO अशोक शुक्ल का कारनामा, डॉ अनुज दीक्षित को शिवराजपुर CHC बनाया, वित्तीय घोटाले के आरोप से हुए थे चर्चित, डॉ अनुज के खिलाफ चल रही हैं भ्रष्टाचार की जांच, CMO ने घूस लेकर डॉक्टर अनुज को दी तैनाती, CHC से प्रतिमाह 5 लाख घूस लेता है सीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेप्रोस्कोपी हुआ चोरी, असहाय, बुजुर्ग लोगों का नहीं होता इलाज, फर्जी डिलीवरी, नसबंदी कराने में डॉ अनुज माहिर।

➡मेरठ- अधिकारी ने जहर खाकर की आत्महत्या, डीईओ के पद पर तैनात था आधिकारी, होटल के कमरे में अधिकारी ने खाया जहर, साथ की युवती शादी का बना रही थी दबाव, 5 पेज के सुसाइड नोट में लिखी अपनी पीड़ा, दिल्ली पश्चिमी डीएम के पास तैनात था डीईओ
सदर बाजार थाने के करनैल होटल का मामला।

➡गोरखपुर- ब्रह्मभोज कार्यक्रम में 2 पक्षों में मारपीट, सूचना पर पहुंची पुलिस सभी को लाई नौसढ़ चौकी, सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष पहुंचे चौकी, हाथ में लाठी-डंडों को लेकर पहुंचे चौकी, पुलिस पर लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप ,नाराज ग्रामीणों ने चौकी पर किया हंगामा, कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, एसपी सिटी, साउथ ने ग्रामीणों को शांत कराया, बेलीपार के बरईटोला में चल रहा था ब्रह्मभोज।

सुबह की बड़ी खबर

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➡लखनऊ- थाने पर 3 अतिरिक्त इंस्पेक्टरों की तैनाती, 14 सर्किल मुख्यालय वाले थानों पर तैनाती, DGP ओपी सिंह के आदेश पर अमल प्रारम्भ, SSP ने 42 इंस्पेक्टरों को दी गई तैनाती, संतोष कुमार,राज कुमार,विश्वजीत हजरतगंज में तैनात, उमाकांत,यशकांत,शुनील दुबे आलमबाग भेजे गए, नीलम राना,विद्याशंकर,बलबीर सिंह थाना कृष्णानगर, अशोक कुमार,बृजेश सिंह,राजेश द्विवेदी थाना कैसरबाग, रामकुमार यादव,अतुल तिवारी,राजकेश्वर चौक भेजे गए, नुरुल हुदा,देवनाथ,मनोज सिंह थाना बाजारखाला, बद्री प्रसाद,दीपेंद्र सिंह,अखिलेश यादव थाना महानगर, राजकुमार,नन्द किशोर,कुलदीप सिंह सेंगर थाना अलीगंज, राजदेश मिश्रा,नितिश कुमार,राकेश सिंह थाना गाजीपुर।

➡लखनऊ- सीएम योगी 21 जून को लेकर दिए निर्देश, तैयारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, व्यापक आयोजन की समय रहते हो तैयारी, अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जनपदों में हो कार्यक्रम, मुख्यालयों, तहसीलों, ब्लाकों पर हो कार्यक्रम, नगर निकायों में कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं, जिलास्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश, स्टेडियम, पार्क, खेल का मैदान का चयन किया जाए, प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों को आमंत्रित किया जाए।

➡लखनऊ- प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय का कार्यक्रम, सम्पर्क फॉर समर्थन के तहत लोगों से मुलाकात, वाराणसी में विशिष्ट जनों से करेंगे मुलाकात, सुबह 10 बजे पलहीपट्टी में कॉलेज का निरीक्षण, पं. दीन दयाल उपाध्याय डिग्री कॉलेज का निरीक्षण, 11 बजे अजगरा, शिवपुर में कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, 2.30 से सायं 7 बजे तक विशेष सम्पर्क अभियान, विशिष्ट जनों को सरकार की पुस्तिका भेंट करेंगे, 4 वर्ष की उपलब्धियों की संकलन पुस्तिका भेंट करेंगे।

➡कानपुर- भ्रष्टाचार में डूबे CMO अशोक शुक्ल का कारनामा, डॉ अनुज दीक्षित को शिवराजपुर CHC बनाया, वित्तीय घोटाले के आरोप से हुए थे चर्चित, डॉ अनुज के खिलाफ चल रही हैं भ्रष्टाचार की जांच, CMO ने घूस लेकर डॉक्टर अनुज को दी तैनाती, CHC से प्रतिमाह 5 लाख घूस लेता है सीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेप्रोस्कोपी हुआ चोरी, असहाय, बुजुर्ग लोगों का नहीं होता इलाज, फर्जी डिलीवरी, नसबंदी कराने में डॉ अनुज माहिर।

➡मेरठ- अधिकारी ने जहर खाकर की आत्महत्या, डीईओ के पद पर तैनात था आधिकारी, होटल के कमरे में अधिकारी ने खाया जहर, साथ की युवती शादी का बना रही थी दबाव, 5 पेज के सुसाइड नोट में लिखी अपनी पीड़ा, दिल्ली पश्चिमी डीएम के पास तैनात था डीईओ
सदर बाजार थाने के करनैल होटल का मामला।

➡गोरखपुर- ब्रह्मभोज कार्यक्रम में 2 पक्षों में मारपीट, सूचना पर पहुंची पुलिस सभी को लाई नौसढ़ चौकी, सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष पहुंचे चौकी, हाथ में लाठी-डंडों को लेकर पहुंचे चौकी, पुलिस पर लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप ,नाराज ग्रामीणों ने चौकी पर किया हंगामा, कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, एसपी सिटी, साउथ ने ग्रामीणों को शांत कराया, बेलीपार के बरईटोला में चल रहा था ब्रह्मभोज।

Wednesday, June 13, 2018

जो मेरी चीज है मैं लेकर गया : अखिलेश

जो मेरी चीज है मैं लेकर गया : अखिलेश 
सपा मुखिया ने कहा कि जो मेरी चीज थी, वो मैं लेकर गया. मशीनें हमारी हैं, हम ले गए. अगर सरकारी दस्तावेज में ये सभी चीजें दर्ज हैं तो मुझे दिखाएं. उन्होंने कहा कि सरकार कागज से चलती है बातों से नहीं चलती. 

'सब सरकार के इशारे पर हो रहा है'
मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को बदनाम करने के लिए ये सब सरकार के इशारे पर हो रहा है. उन्होंने कहा बीजेपी की दिल बहुत छोटा है. स्विमिंग पूल को पाटे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्विमिंग पूल कहां था ये बताइए. 

'सीएम के ओएसडी बंगले में क्या करने गए थे'
इस दौरान उन्होंने कहा कि बंगले को मैंने अपनी पसंद से बनवाया था. आज भी वहां पर जो वुडेन फ्लोरिंग लगी है, मंदिर है और अन्य चीजें हैं, मैंने अपने पैसे से लगवाई हैं. तोड़फोड़ की खबरों पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनके द्वारा बंगला खाली करने के बाद सीएम योगी के ओएसडी अभिषेक और आईएएस अफसर मृत्युंजय नारायण वहां गए थे. मैं पूछना चाहता हूं कि वो क्या करने गए थे? ये लोग फोटोग्राफर लेकर गए थे. अखिलेश ने कहा कि बंगले में वुडेन फ्लोरिंग के साथ ही तमाम चीजें अभी भी जस की तस हैं. ​एक टूटे हुए कोने की तस्वीर इस तरह से खींची गई कि लगे कि पूरा बंगला ही खराब कर दिया गया. 

'गवर्नर साहब के अंदर संघ की आत्मा है'
इस दौरान उन्होंने कहा कि गवर्नर साहब अच्छे इंसान हैं. लेकिन वो संविधान के हिसाब से नहीं चल रहे हैं, उनके अंदर संघ की आत्मा है. 

उपचुनाव में मिली हार के बाद बौखलाई बीजेपी
उन्होंने कहा कि बीजेपी ये सब इसलिए कर रही है. क्योंकि हमने उन्हें उपचुनाव में हार का मुंह दिखाया है. उन्होंने इशारे-इशारे में आगमी लोकसभा चुनाव की भी बात कहीं. उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी 2019 में होने वाले चुनाव जी-जान से लड़ेगी, प्रधानमंत्री कोई भी हो, लेकिन अगला प्रधानमंत्री बीजेपी का नहीं बनने देंगे'.