Sunday, May 13, 2018

सात समंदर पार से फेसबुक मित्र से मिलने अमेठी पहुँची महिला

अमेठी : फेसबुक दोस्त से मिलने आई इंडोनेशियाई युवती की पहचान सीती दहलीना के रूप में हुई। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस प्रशासन को 22 दिनों से इलाके में रह रही विदेशी युवती सीती दहलीना के बारे में कोई भनक तक नहीं लगी। फेसबुक के जरिए हुई दोस्ती इस कदर परवान चढ़ी कि इंडोनेशियाई युवती टूरिस्ट वीजा पर अपने दोस्त से मिलने अमेठी कोतवाली के गांव बेनीपुर पहुंच गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब इस विदेशी युवती की तबीयत गुरुवार देर रात बिगड़ गई। युवती की पहचान सीती दहलीना के रूप में हुई, आश्चर्य की बात है कि 22 दिनों से इलाके में रह रही विदेशी युवती सीती दहलीना के बारे में किसी को कोई भनक तक नहीं लगी। जो पुलिस के खुफिया सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।
दरअसल, अमेठी के बेनीपुर गांव के रहने वाले संजीव कुमार फोटोग्राफी का काम करते हैं. संजीव ने करीब एक साल पहले फेसबुक पर सागर दीवाना नाम से आईडी बनाई जिसके बाद इंडोनेशिया के मैदान सिटी में रहने वाली 31 वर्षीय सीती दहलीना से फेसबुक पर ही उसकी दोस्ती हो गई. दोनों की फेसबुक दोस्ती धीरे-धीरे परवान चढ़ने लगी जिसके बाद टूरिस्ट वीजा पर दहलीना 18 अप्रैल को इंडोनेशिया ने दिल्ली पहुंची।
जहां संजीव ने उसे रिसीव किया और बस से लखनऊ होते हुए अमेठी पहुंचा. करीब 22 दिन से दहलीना संजीव और उनके परिवार के साथ उनके घर पर ही रह थी। लेकिन कल देर शाम अचानक उसकी तबियत खराब हो गई, जिसके बाद संजीव उसे लेकर अमेठी सीएचसी पहुंचे। इलाज करने के लिए जब डॉक्टर ने उससे बीमारी पूछी तो उसकी भाषा वो समझ नहीं पाए, जिसके बाद उन्होंने अमेठी कोतवाली पुलिस को सूचना दी। तब जाकर मामला सार्वजनिक हुआ। इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन की बड़ी लापरवाही भी सामने आई, जहां अमेठी प्रशासन को एक विदेशी महिला के अमेठी में रहने की जानकारी तक नहीं हुई। जबकि नियम है कि किसी विदेशी को अपने यहां रखने पर संबंधित व्यक्ति द्वारा फार्म सी भरकर पुलिस के पास जमा करना होता है। फिलहाल प्रसाशन की शुरुवाती जांच में युवती के पास से मिले सभी कागजात सही है और उसका टूरिस्ट वीजा 25 दिसंबर 2018 तक मान्य है।

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