अमेठी
कुछ दिन पहले जायस मंडी में 2 दिन से गेँहू बेचने आये एक किसान कि मौत के बाद जय किसान आंदोलन और किसानों द्वारा जायस मंडी के समीप एक ट्रक सरकारी गेहूँ पुलिस को पकड़वा कर उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गयी थी जांच के लिए आये अधिकारियों पर उक्त गेहूँ को पकड़वाने वाले जय किसान आंदोलन के कार्यकताओं द्वारा जाँच अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाये है जय किसान आंदोलन उत्तर प्रदेश के संयोजक द्वारा उच्च अधिकारियों को इसकी शिकायत करते हुऐ लिखा है कि -शिकायत में जांच अधिकारी ने तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया और शिकायत कर्ता के साथ ही इस भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले जागरूक नागरिकों के द्वारा दिए गए बयानों का भी संज्ञान नही लिया चूंकि इस तरह की हेरिफेरी में एक गिरोह काम कर रहा है जिसमें केंद्र प्रभारी जिला क्रय अधिकारी के साथ ही उच्च राजनैतिक हस्तक्षेप है ऐसी परिस्थिति में एक उपनिरीक्षक द्वारा की गई जांच तथ्य हीन होना स्वाभाविक है।
सोनू इंडस्ट्रीज में किसानों से कम दाम पर खरीद किया गया गेंहू गैरिकपुर पीसीएफ केंद्र के प्रभारी की मिलीभगत से सरकार को जालसाजी से सप्लाई करने को रंगे हाथों पकडाने का प्रयास जागरूक किसानों ने किया और संदिग्ध स्थान की निगरानी की सात मई की शाम जब संदिग्ध ट्रक रात्रि आठ बजे मिल में गया तभी मोहम्मद अहमद के साथ निगरानी कर रहे लोगों ने चौकी इंचार्ज बहादुर पुर श्री गिरीश दत्त पाण्डेय को और डिप्टी आरएमओ श्री वी सी गौतम को सूचना दी चौकी इंचार्ज रात्रि में मौके पर गए और यह प्राप्त सूचना की तसदीक भी की संपूर्ण रात्रि किसान निगरानी करते रहे और सुबह सरकारी बोरों से लदा ट्रक जैसे ही मिल के बाहर निकला उसे किसानों ने रोकने का प्रयास किया परंतु ट्रक बहादुर पुर की तरफ लेकर भगा जब लोग ट्रक के आगे खड़े हो गए और ट्रक को रोक चौकी इंचार्ज बहादुरपुर को सूचना दी मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज बहादुरपुर श्री गिरीश दत्त पाण्डेय ने ट्रक को पुलिस अभिरक्षा में थाने भेजा। इस घटना की सूचना मोहम्मद अहमद ने जैसे ही मुझे दी मैंने उच्चाधिकारियों को व्हाटसप व ट्विटर के माध्यम से अवगत कराया एसडीएम तिलोई तथा क्षेत्रिय खाद्य निरीक्षक फैजाबाद को जरिए टेलीफोन मौखिक रूप से अवगत कराया अतः अधिकारियों ने मंडी सचिव जायस श्री अजय प्रताप सिंह व सहायक क्रय अधिकारी अमेठी श्री वीसी गौतम को जांच के लिए भेजा इन दोनों अधिकारियों के अलावा पुलिस ने भी संयुक्त रूप से जांच आरंभ की ट्रक ड्राइवर ने अपने बयान में यह बात स्वीकार की कि वह ट्रक का नियमित ड्राइवर नही है वह ट्रक मिल से केवल बाहर निकाल रहा था,वह ड्राइवर अधिकारीयों को कोई आवश्यक अभिलेख भी नही दिखा सका,न ही ट्रांसपोर्टर की विल्टी ही दिखा सका और न यह बता सका कि गैरिकपुर से सरकारी गेहूं लाद कर आया ट्रक अति सुरक्षित भारतीय खाद्य निगम (मंडी समिति जायस) में न खड़ा कर वह सरकारी माल से लदे ट्रक को वहां से आगे ले जाकर एक निजी मिल में क्यों खड़ा किया। थाने पर जांच करने के बाद श्री वी सी गौतम सोनू इंडस्ट्रीज बहादुरपुर गए जहां पर उन्होंने दोषियों द्वारा दिए गए तथ्यों को ही स्वीकार किया और तमाम नियमों की अवहेलना होते हुए अनाधिकृत ट्रांसपोर्टर, ड्राइवर, ट्रक मालिक व मिल मालिक द्वारा दी गई सफाई और देर तक प्रतीक्षा करने के बाद कूट रचित कागजो को ही स्वीकार कर दोषियों को बचाने का प्रयास किया,सोनू इंडस्ट्रीज में सुरक्षा की दृष्टि से लगे सी सी टी वी कैमरे को जब चेक कराने की मांग की गई तब उसे मिल मालिक नही चला सका जो इस जांच में साक्ष्य का मूल भाग है। अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जांच को भ्रमित करने के साथ साक्ष्य नष्ट कराने में अपराधियों की मदद की है जिसकी उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की आवश्यकता के साथ दोषी और घटना में संलिप्त अधिकारियों के विरूद्ध भी दणात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है।
Sunday, May 13, 2018
अमेठी जिला क्रय अधिकारी पर लगाये गंभीर आरोप उच्च स्तरीय जाँच कि मांग
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