Tuesday, March 19, 2019

रायबरेली 28 गावों में होली के दिन नही खेली जाती होली जाने क्या कारण


रायबरेली
 जहां पूरा देश होली के जश्न में डूबा हुआ है वहीं यूपी का एक इलाका ऐसा भी है जहां लोग होली के दिन राजा की मौत के शोक में डूबे रहते हैं। ये इलाका यूपी की रायबरेली जिले का डलमऊ क्षेत्र। इस इलाके में आने वाले 28 गांवों के लोग होली के दिन ना ही रंग खेलते हैं और ना ही किसी तरह का जश्न मनाते हैं। लोगों के घरों में किसी तरह का कोई पकवान भी नहीं बनाया जाता।


दरअसल, करीब 600 साल पहले डलमऊ में राजा डलदेव रहा करते थे। बताया जाता है कि राजा डलदेव काफी प्रभावशाली राजा थे। इलाके में उनका रुतबा था। इसी बीच उनके दुश्मनों ने जौनपुर के शासक इब्राहिम शाह शर्की के साथ मिलकर होली के दिन उन पर हमला करा दिया। दुश्मनों ने हमले के लिए होली का दिन इसलिए चुना था क्योंकि होली के दिन राजा डलदेव की सेना होली के मौके पर छुट्टी पर रहती थी और जो सेना महल में होती वो नशे में डूब जश्न मनाया करती।


हमले में राजा डल की हुई मौत दुश्मनों की सेना जब डलमऊ पहुंची तो उस वक्त राजा डल की सेना नशे में मस्त थी। शाह शर्की ने अपनी सेना के साथ राजा डलदेव के महल को चारों तरफ से घेर लिया उसके बाद हमला बोला।राजा डलदेव की सेना नशे में थी। जिसके चलते मुकाबला नहीं कर पाई और हमले में राजा का कत्ल कर दिया गया। तभी से डलमऊ कस्बे समेत 28 गांवों में रहने वाले सभी अपने राजा के गम में होली के दिन से अगले 3 दिनों तक शोक में रहते हैं।





Wednesday, March 13, 2019

वरमाला डाल रही प्रेमिका को प्रेमी ने गोली मार खुद को मारी गोली दोनों की मौत


शादी की खुशियां मातम में बदली गांव आई बरात वापस लौटी

बछरावां,रायबरेली -बछरावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत बछरावा मौरावा मार्ग पर स्थित गजियापुर गांव में बीती रात गांव के पुत्ती लाल की बेटी आशा देवी उम्र 22 वर्ष की शादी कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर चल रही थी कुसहरी नवाबगंज जनपद उन्नाव से आई आशा की बारात में बराती ढोल नगाड़े पर नाच रहे थे दूल्हा और दुल्हन जय माल के कार्यक्रम के लिए बने स्टेज पर थे ।दूल्हा दुल्हन एक दूसरे को वरमाला डाल रहे तभी दुल्हन के ही गांव के दुल्हन के 26 वर्षीय प्रेमी बृजेंद्र कुमार पुत्र जागेश्वर को प्रेमिका द्वारा दूसरे के गले में वरमाला डालना सहन नहीं हुआ और उसने अपने चाचा लोधेश्वर की लाइसेंसी डीबीबीएल बंदूक से पहले तो प्रेमिका को गोली मार दी फिर स्टेज पर ही स्वयं को गोली मार ली और दोनों लहूलुहान हो वहीं पर गिर पड़े घटना से मौके पर भगदड़ मच गई। आनन फानन दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां लाया गया जहां से उन्हें जिला अस्पताल रायबरेली रिफर कर दिया गया जहां दोनों की मौत हो गई।
घटना के बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गई बराती व जनाती बिना खाए पिए ही वापस चले गए और दोनों मृतक परिवारों में मातम पसर गया। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पर कोतवाल रावेंद्र सिंह मय पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को सूचना देकर जांच पड़ताल शुरू की। घटना की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, एडिशनल एसपी शशि शेखर सिंह, क्षेत्राधिकारी आर पी शाही सहित आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। कोतवाल रावेंद्र सिंह ने बताया कि प्रेम प्रसंग में घटना कारित हुई है मामले की जांच पड़ताल की जा रही है मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।

Monday, February 18, 2019

सीआरपीएफ के जवानों को ‘सैनिक’ का दर्जा और पेंशन पर सरकार मौन क्यों ?


अगर आपको पूछना है तो पूछिए इनसे कि वो सीआरपीएफ जिसके लिए आज ये घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, चीख पुकार कर रहे हैं इनकी सुध पिछली बार कब ली थी। बीती 13 दिसंबर को यही सीआरपीएफ वाले अपनी मांगों को लेकर दिल्ली आए थे, वो चाहते थे उन्हें सैनिकका दर्जा दिया जाए, उन्हें पेंशन मिले। याद कीजिए उस दिन टीवी पर क्या चल रहा था, क्या एक भी न्यूज़ चैनल का रिपोर्टर वहां पहुंचा था, कोई विजुअल याद है आपको, गुजरात, केरला और ओडिशा और देश के तमाम हिस्सों से आए उन सीआरपीएफ के जवानों की एक बाइट भी सुनी आपनेनहीं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सिर्फ शहीद जवानों के जनाज़े की वीडियो के पीछे फिल्मी गाने लगाकर आपको भावुक कर देना चाहता है, ताकि आप कोई सवाल न पूछें। आप भूल जाएं कि जो हुआ है उसके लिए सवाल किससे पूछना चाहिए। आप को बरगला दिया गया है कि ये गर्व का मौका है। किस बात का गर्व करें, इस बात का? कि कई माओं ने अपने बच्चे खो दिये, कई औरतें विधवा हो गईं, बूढ़े बाप का सहारा छिन गया। ये गर्व का मौका नहीं अफ़सोस का मौका है, हमारी एजेंसियों और सरकार से चूक हुई है। उनके हाथ 44 जवानों के खून से रंगे हुए हैं।

Thursday, February 14, 2019

पर्ल्स (Pearls) में पैसा डूबने वाले लोगो के लिये खुशखबरी जानिये पैसा पाने का पूरा तरीका


पीएसीएल (PACL) इंडिया लिमिटेड की निवेश योजना पर्ल्स (Pearls) में पैसा लगाने वाले लाखों छोटे-बड़े निवेशकों के लिए बीते दिनों अच्छी खबर आई कि अब उन्हें उनका पैसा वापस मिल सका है. बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने बताया कि पूरे मामले की जांच कर रहे जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी ने फैसला किया है कि अब निवेशक अपना क्लेम फाइल कर सकते हैं. ऑनलाइन पैसा वापस पाने के लिए अलग से एक वेबसाइट बनाई गई है, जिसका पता है- http://sebipaclrefund.co.in/
क्या है क्लेम करने की आखिरी तारीख?
इसके साथ ही सेबी ने सख्त हिदायत दी है कि निवेशक पर्ल्स (Pearls) में निवेश के ओरिजनल दस्तावेज किसी को भी न दें. निवेशक अपना पैसा वापस पाने के लिए कैसे आवेदन करें, इस बाते में बताने के लिए सेबी ने हिंदी और अंग्रेजी में वीडियो भी तैयार किए हैं. इस वीडियो को यूट्यूब पर अपलोड किया गया है. क्लेम करने की आखिरी तारीफ 30 अप्रैल 2019 है. इसलिए ये बहुत जरूरी है कि सभी निवेशक इस तारीख से पहले अपना क्लेम रजिस्टर कर दें.
क्लेम के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
रजिस्ट्रेशन के लिए आपको अपना PACL का रजिस्ट्रेशन नंबर दो बार डालना होगा और साथ ही मोबाइल नंबर भी डालना होगा. रजिस्ट्रेशन होने के बाद आपको एक पासवर्ड बनाना होंगा. अगली बार लॉनइन करने के लिए आपको पीएसीएल नंबर और ये पासवर्ड डालना होगा. दावे के लिए आपको अपना वही नाम डालना होगा, जैसा पीएसीएल के सर्टिफिकेट पर लिखा है. नाम के साथ निवेश की गई रकम का उल्लेख करना होगा. इसके साथ ही आपको अपना पैन नंबर और बैंक एकाउंट की डिटेल भी देनी होगी.
कौन से दस्तावेज अपलोड करने होंगे?
आपको ये दस्तावेज अपलोड करने होंगे-
1. पैन कार्ड की कॉपी
2. हाल में खिंचवाई पासपोर्ट फोटो
3. कैसिल चैक की कॉपी
4. बैंकर का प्रमाणपत्र
5. पीएसीएल के सर्टिफिकेट की कॉपी
6. पीएसीएल की रसीदें (यदि हों तो)
ये दस्तावेज पीडीएफ, जेपीजी या जेपीईजी फॉर्मेट में अपलोड किए जा सकते हैं. ये डॉक्युमेंट ब्लैक एंड व्हाइट होने चाहिए और उनका जीपीआई 200 होना चाहिए. अगर आपके पास कोई दस्तावेज न हो, तो भी जितनी जानकारी उपलब्ध हो, उसे डालकर लॉग-आउट कर सकते हैं. बाद में लॉग-इन करके दावे संबंधी आवेदन को पूरा किया जा सकता है. सफलतापूर्वक क्लेम अपलोड होने पर एक एक्नॉलेजमेंट रिसीट नंबर आएगा. इसका मतलब है कि आपका आवेदन हो गया है.
अगर पैन कार्ड न हो तो?
बिना पैन कार्ड के क्लेम नहीं किया जा सकता है. इसलिए यदि किसी निवेशक के पास पैन कार्ड नहीं है, तो उसे आवेदन करने से पहले पैन कार्ड बनवाना होगा. यदि पीएसीएल खाताधारक की मृत्यु हो गई है, तो नॉमिनी के द्वारा क्लेम किया जा सकता है, लेकिन अभी नहीं. सेबी ने कहा है कि नॉमिनी द्वारा दावा करने की तारीख के बारे में अलग से जानकारी दी जाएगी. यदि निवेशकों को कोई शंका हो तो वे 022-61216966 पर फोन कर सकते हैं.