Thursday, May 17, 2018

रायबरेली में गेहूँ ख़रीद में लापरवाह 11 केंद्र प्रभारियों पर कार्यवाही

रायबरेली : जिले में गेहूं खरीद की सुस्त रफ्तार पर जिला प्रशासन के तेवर सख्त हो गए हैं। लापरवाह केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। एसडीएम वित्त एवं राजस्व ने समीक्षा कर 11 केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए है। इसमें 4 को कड़ी चेतावनी, 2 से स्पष्टीकरण व 5 प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश प्रजापति ने गुरुवार को जिले में गेहूं खरीद की समीक्षा की। इस दौरान यूपी एग्रो के जिला प्रबंधक डीपी ¨सह निशाने पर रहे। एजेंसी में अभी तक 52 एमटी की खरीद होने पर स्पष्टीकरण तलब किया गया। हरचंदपुर यूपी एग्रो के सेंटर पर खरीद शून्य होने पर प्रभारी को चेतावनी दी गई। इसी तरह भारतीय खाद्य निगम के हरचंदपुर केंद्र पर खरीद शून्य होने पर प्रभारी को चेतावनी दी गई। आवश्यक वस्तु निगम के सतांव केंद्र पर 14 मई को खरीद न करने पर जवाब मांगा गया। इसी एजेंसी के बछरावां केंद्र पर खरीद न करने पर प्रभारी को कारण बताओ नोटस दिया गया। हरचंदपुर में आवश्यक वस्तु निगम के सेंटर पर मात्र 5.9 एमटी की गेहूं खरीद पर प्रभारी को कारण बताओ नोटिस दिया गया। इस तरह 14 मई तक पूरी खरीद पर जानकारी लेकर एडीएम ने दिशा-निर्देश दिए गए। निसगर शिफ्ट हुआ सरेनी का गेहूं खरीद केंद्र, होगा

सरेनी क्षेत्र में गेहूं खरीद की हालत बहुत खराब है। वहीं, आरएम ने यूपी एग्रो का गेहूं क्रय केंद्र निसगर भेज दिया है। इस कारण सरेनी में सिर्फ दो किसानों का 50 कुंतल गेहूं ही खरीदा गया है। इससे किसान मायूस हैं और औने-पौने दामों में गेहूं बेचने के लिए मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि यदि 20 मई तक क्रय केंद्र संचालित न हुआ तो प्रदर्शन किया जाएगा।

किसानों की सुविधा के लिये 02 मई को सरेनी में यूपी एग्रो ने एक गेहूं क्रय केंद्र खोला था। सिर्फ दो किसानों का 50 कुंतल गेहूं खरीदा गया। इसी बीच संस्था के लखनऊ आरएम धमक पडे़ और केंद्र को निसगर में खोलने का तौल लिपिक को आदेश दे दिया। इससे किसान भड़क गये हैं। किसानों ने आरएम से काफी आग्रह किया तो लगा कि वह मान गये लेकिन आरएम ने लिपिक को जिला मुख्यालय बुलाकर केंद्र को निसगर भेज दिया। किसान गो¨वद ¨सह ने बताया कि दो दिन तक ट्राली गेहूं लेकर खड़ी रही। जब लिपिक नहीं आया तो बिचैलियों को 1400 रुपये प्रति ¨क्वटल की दर से गेहूं बेच दिया। जीत बहादुर, सुरेश ¨सह, कृष्ण कुमार तिवारी, हरीशंकर मिश्र, राम विलास दीक्षित, राकेश कुमार, देवनारायण, विजय शंकर आदि ने बताया कि टोकन तक दिये गये लेकिन बगैर तौल के कांटा बंद कर दिया गया। यह किसानों की अनदेखी है। किसानों का कहना है कि यदि 20 मई तक केंद्र का संचालन न किया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए जबूर होंगे।

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