आज मंडी परिसर जायस अमेठी में जनता की समस्याओं को लेकर एक जून से दस जून तक की गई जनसुनवाई का समाधान दिवस के रूप में आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय सह संयोजक,जय किसान आंदोलन,स्वराज अभियान कर्नल जयवीर सिंह ने किया संचालन एडवोकेट संजय कुमार ने की इस जन सुनवाई के पंच मोहम्मद हयात,श्री अवधनरायन सिंह, सुश्री अर्चना एडवोकेट व श्री रामफेर पटेल जी रहे। इस जनसुनवाई में जनता के द्वारा बताई गई शिकायतों के संदर्भ में आवश्यक संवैधानिक उपचार कर उनके पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रस्ताव पर चर्चा की गई व सर्व सहमति से निर्णय लिया गया है।
इस जनसुनवाई में शासन की तरफ से........ अधिकारियों की अनुपस्थिति रही।।
जनसुनवाई में जनता की शिकायतों में निजी शिकायतों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को भेजने के साथ ही एक ही किस्म की और सामूहिक शिकायतों पर सदन के समक्ष चर्चा कर उसपर प्रस्ताव मांगे गए और सर्व सहमति/पुर्ण बहुमत से पारित कर उसे मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को भेजा गया।
प्रस्ताव संख्या 1-वर्ष 2017 में धान खरीद में अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच और आगामी धान खरीद में पारदर्शी नियम निर्माण के साथ ही किसानों को अनावश्यक रूप परेशान न किए जाने के लिए नीतिनिर्माण किया जाना।
2- अब्दुल सत्तार की गेंहू विक्री के इंतजार में हृदयाघात से हुई मृत्यु का कारण उत्पन्न करने ,व गेंहू खरीदी में अनियमितताएं कर कूटरचना करने वाले केंद्र प्रभारी के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराने संदर्भ में।
3-सरकारी गेंहू खरीदी में गैरिकपुर केंद्र के संदिग्ध गेंहू से भरे ट्रक पी सी एफ केंद्र जायस को ले जाए जा रहे दो ट्राली संदिग्ध गेंहू की उच्चस्तरीय पारदर्शी जांच पर चर्चा।
4- राजगढ़ थाना गौरीगंज अमेठी में महिला रामावती को थाना गौरीगंज के अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित कर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सामूहिक कुएं को पटवा जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकता जल से वंचित करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध न्यायिक जांच कराए जाने हेतु प्रस्ताव ।
5- फतेहपुर मवैया के लाभार्थियों की सामूहिक शिकायत राशन की सरकारी दुकान विक्रेता ने उन्हें कई माह से राशन नही दिया और घटतौली की।
6- केसरिया सलीमपुर के पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय पात्र लाभार्थियों के स्थान पर अपात्रों का चयन किए जाने व उच्च राजनैतिक संरक्षण प्राप्त इस अनियमितता में जांच अधिकारियों पर अनुचित दबाव होने के कारण जांच के लंबित होने पर प्रस्ताव।
7-बिजली विभाग के संबंधित शिकायतों पर चर्चा।
अधिकारी सरकार की मंशा के विरूद्ध आचरण कर उपभोक्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं, विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण न कर उन्हें अनावश्यक रूप से दौड़ा रहे और प्रताड़ित कर रहे हैं। जो समस्याएं व्यापक है उनका नमूना संदर्भ निम्नवत है।
(अ)_तमाम गरीबी रेखा के नीचे के उपभोक्ताओं को दिए गए कनेक्शन को सामान्य उपभोक्ताओं के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। अतः जिन उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति कमजोर है उनके ऊपर यह अनावश्यक बोझ लद गया है और जीवन यापन करने में अक्षम गरीब उपभोक्ताओं पर विभागीय अनाचार है।
इस समस्या के नीति सम्मत निस्तारण की व्यवस्था कर इन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करें।
(ब)-तमाम उपभोक्ताओं के विद्युत भार को एक किलो वाट से बढ़ाकर दो किलोवाट कर दिया गया है जो उपभोक्ता हितों के विरूद्ध है। अतः तत्काल इस बलात् थोपे गए भार से उपभोक्ताओं को मुक्त किया जाय।
(स)-बहादुरपुर ग्रामसभा के ग्रामीण उपभोक्ताओं के घरेलू व ट्यूबेल कनेक्शन का पिछले कई वर्षों से शहरी बिल वसूला जा रहा है। तत्काल यह विसंगति दूर कर उपभोक्ताओं से वसूला गया गलत बिल वापस किया जाय।
(स)जायस नगर के उपभोक्ताओं से बीसों वर्ष से शहरी बिल वसूला जा रहा है जबकि बिजली उन्हें ग्रामीण रोस्टर से प्राप्त होती है।
(द)-तमाम उपभोक्ताओं के घर मीटर लगा होने के बावजूद उनके बिलMF,IDF, औरNRआ रहे हैं जिससे उपभोक्ता पर अनावश्यक अतिरिक्त भार डाल अधिक बिल वसूला जा रहा।
(य)-बिजली विभाग द्वारा संचालित नं1912 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कई माह बाद भी शिकायतो का निस्तारण नही हो पा रहा है।
(य)-बिजली विभाग से त्रस्त कुछ उपभोक्ताओं ने जब अधिशासी अभियंताEDD2 गौरीगंज को जनसूचना का आवेदन दिया, कानून का उलंघन कर उसे वापस कर दिया गया।
(र)-IGRS पर की गई शिकायत पर विभाग ऊल जलूल रिपोर्ट लगा निस्तारित कर रहा है।
(ल)-उपखण्ड अधिकारी जायस राजन कुमार उपभोक्ताओं से अभद्रता पूर्वक बात करते हैं और सब स्टेशन पर तमाम दलाल पाल रखे हैं जो उपभोक्ताओं का शोषण कर भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। अतः उपखण्ड अधिकारी पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए सभी कर्मचारियों को परिचय पत्र जारी कर सब स्टेशन व उपखण्ड कार्यालय को इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से रक्षित करें।
आज की जनसुनवाई में सर्व सहमति से यह प्रस्ताव पारित हुआ कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को इस आग्रह के साथ यह प्रस्ताव भेजा जाय कि एक माह में इन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने पर संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष पर के कार्यालयों पर जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा।
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